इच्छा
इच्छा
प्रेम के प्रकाश की
स्पर्श की,अहसास की
इच्छा
हँसने में खोने की
ख्वाबों में सोने की
इच्छा
साथ की , हाथ की
बात की , विश्वास की
इच्छा
सत्य की ,शान्ति की
रीति की ,क्रांति की
इच्छा
अनेक से एक की
प्रीति से जीत की |
~ अमित
No comments:
Post a Comment